Monday, November 28, 2022

नालंदा की बेबस मां की गुहार, 5 सालों से लापता है बेटा, कोई कार्रवाई नहीं

एक मां की नजरों से अगर उसका बच्चा एक पल के लिए भी ओझल हो जाए तो उसकी जान निकल जाती है, लेकिन नालंदा में एक ऐसी बेबस मां है जिसने बीते 5 सालों से अपने जिगर के टुकड़े को नहीं देखा है. साल 2017 में उसका बेटा खेलते-खेलते स्कूल कैंपस से लापता हो गया. तब से लेकर आज तक हर दिन, हर पल मां अपने बेटे के इंतजार में जी रही है. मां अपने बच्चे को देखने के लिए 5 सालों से अपने बेटे को देखने के लिए तरस रही है. बेटे को हॉस्टल भेजकर मां ने सोचा था कि एक दिन मेरा बेटा पढ़-लिखकर बड़ा अफरस बनेगा, सपना पूरा करेगा, लेकिन वो ये नहीं जानती थी कि यही हॉस्टल उसके बेटे को उससे हमेशा हमेशा के लिए छीन लेगा. नालंदा के वीरनाम गांव का प्रिंस कुमार 5 सालों से लापता है. हॉस्टल में खेलते-खेलते वो एक दिन अचानक लापता हो गया था और फिर कभी नहीं लौटा.

आज भी जब दरवाजे पर दस्तक होती है तो मां को लगता है कि उसका बेटा आ गया, लेकिन जब दरवाजे तक पहुंचती है तो सिर्फ निराशा हाथ लगती है. अगर मोबाइल की घंटी बजती है, तो लगता है कि शायद आज तो बेटे से बात हो ही जाएगी, लेकिन फोन उठाने के बाद किसी और की आवाज सुनकर आंखे भर आती है. बच्चे के परिजनों के मुताबिक जब प्रिंस लापता हुआ तब वो नौवीं क्लास में पढ़ता था. प्रिंस बिहार शरीफ के शांतिनिकेतन स्कूल में पढ़ाई करता था. साल 2017 प्रिंस हॉस्टल से ही अचानक लापता हो गया था. शाम 5 बजे स्कूल कैंपस में खेलने के बाद से उसे किसी ने नहीं देखा. पांच सालों में मां ने कई बार स्कूल के डायरेक्टर से पूछताछ की, लेकिन स्कूल की ओर से कभी कोई जवाब नहीं दिया गया.

स्कूल प्रशासन की ओर से कोई मदद ना मिलने के बाद हारकर मां ने थाने में शिकायत दर्ज कराई. हालांकि उनकी मुसीबत यहां भी खत्म नहीं हुई. रिपोर्ट दर्ज करने के लिए पुलिसवालों ने सिर्फ खानापूर्ति की. ना तो कभी स्कूल संचालक से पूछताछ हुई ना ही कोई गिरफ्तारी. यहां हैरान करने वाली बात ये है कि स्कूल कैंपस से लापता होने के बाद भी स्कूल संचालक पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है. जबकि इस मामले में पूरी जवाबदेही स्कूल प्रबंधक की है. बावजूद स्कूल प्रबंधन ने आजतक ना तो पुलिसवालों को कोई जानकारी दी, ना ही प्रिंस के परिजनों की कोई मदद की. पीड़ित परिवार ने जगह-जगह पोस्टर चिपकाए, इनाम की घोषणा भी की, लेकिन बेटे का कोई पता नहीं चल सका है. ऐसे में बेबस मां अब शासन-प्रशासन से मदद की गुहार लगा रही है.

नोट: इस लेख में दी गई सभी जानकारी केवल जानकारी के उद्देश्य के लिए लिखी गई है।

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